Work more on mind power than body power l अक्ल बड़ी की भैंस ?
चुन्नू मुन्नू थे दो भाई, एक बार उनमे हुई लड़ाई। मैं जीतूंगा, मैं जीतूंगा । ज़िन्दगी ने दोनों को एक चपत लगाई बोला थोड़ा तू पढ़ ले चुन्नू बेटा, थोड़ा तू कुछ करले मुन्नू बेटा । दोनो तब अकल है आयी जब उनको ये बातें समझ मे आयी।
चुन्नू बहुत ही मेहनती लड़का था। उसका मानना था कि मेहनत से आप बड़े से बड़े पहाड़ तक को हिला सकते है। ज्यादा पढ़ लिख कर कुछ नही होता है, समय सब सीखा देती है। चुन्नू अब बस हर वक़्त अच्छे समय का इंतज़ार करता रहता है और अपने आधे अधूरे knowledge के दम पर पुरज़ोर मेहनत करता है। वह हर रोज कुछ नया भी करता है और पहले से ज्यादा रोज मेहनत भी करता है।
मुन्नू पढ़ाई में पहुत अच्छा था। उसका मानना था कि जितना ज्यादा ज्ञान एकत्रित करोगे उतने आगे बढ़ कर तुम दुनिया को ज्ञान दे पाओगे। मुन्नू आज भी ज्ञान के सागर में गोते लगाते रहते है। और पहले कईं ज्यादा डिग्रीयां भी हासिल कर ली हैं। आज वो अपने एकत्रित ज्ञान को लेकर हमेशा चर्चा में भी रहता है।
दोनों की पुरजोर मेहनत के बाद भी दोनों success को तरस रहे है। जिंदगी की उसी भाग दौड़ का हिस्सा बने पड़े है। दोनो के पास success goal तो है लेकिन success का मंत्र clear नही है। दोनों भाई हर रोज साथ gym जाते है अपने शरीर की ताकत को manage करके भी रखते है लेकिन दुनिया शरीर से ज्यादा दिमाग से चलती है। उसकी exercise तो हो ही नही पाती क्योंकि अब वो एक trap में फस चुके है। विद्वान इसे माया और मोह के नाम से संबोधित करते है।
हमारे दिमाग मे करोड़ो की संख्या में neuron हैं और उस network में कई pathways भी होते हैं। कहने का मतलब हमारा दिमाग दुनिया का सबसे बड़ा Hard Drive है जिसके अंदर पूरी दुनिया का डेटा समा सकता है। Pathways का मतलब है किसी प्रॉब्लम को कई तरीके से solve कर लेना जैसा हम chess खेलते वक़्त सोचते है। इसलिए हमें दोनो तरीके से अपने दिमाग यानी कि server ऑफ our body को trained करने की जरूरत है। फिर कहीं जाकर हमारे pathways खुलने शुरू होते है और हमे कई ideas आने लगते हैं।
जिस तरह हम gym में जाकर अपने शरीर को और strong & healthy बना सकते है ठीक उसी तरह हम brain को भी और strong & healthy बना सकते हैं। यह याद रखना अत्यंत जरूरी है कि शरीर से दिमाग नही चलता बल्कि दिमाग से शरीर चलता है। गाड़ी के पुर्जों की आप कितनी भी servicing क्यों न करले लेकिन अगर engine पर ध्यान नही दिया तो पूरी गाड़ी कुछ ही समय मे खटारा हो जायेगी। बाहर की खूबसूरती से ज्यादा अंदर की capacity और जज़्बा ज्यादा मायने रखता है। वो कहावत है ना अक्ल बड़ी की भैंस?
ज़माना बहुत तेजी से बदल रहा है। हर इंसान आज multi activity करना चाहता है। companies भी अपने employees से चाहती है कि वो 5 के बराबर का काम करले लेकिन आज हालात ऐसी है कि 5 मिलकर भी एक experienced professional के बराबर काम नही कर पा रहें है। इसलिये अपने शरीर से ज्यादा अपने दिमाग पर ध्यान दे जो इस शरीर को चलाता है। धन्यवाद ।
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